सैनिकों के सम्मान का विजय दिवस

‘हतो वा प्राप्स्यसि स्वर्गं जित्वा वा भोक्ष्यसे महीम्‌’ अर्थात या तो तू युद्ध में बलिदान देकर स्वर्ग को प्राप्त करेगा अथवा विजयश्री प्राप्त कर पृथ्वी का राज्य भोगेगा. गीता के इस श्लोक से प्रेरित होकरदेश के शूरवीरों ने कारगिल युद्ध में दुश्मन को खदेड़ कर सीमापार कर दिया था. आज से 17 वर्ष पहले भारतीय सेना ने कारगिल पहाड़ियों पर कब्ज़ा जमाए पाकिस्तानी सैनिकों को मार भगाया था. इस विजय की याद में और शहीद जांबाजों को श्रद्धांजलि देने के उद्देश्य से प्रतिवर्ष 26 जुलाई को कारगिल दिवस के रूप…

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आँखों के रास्ते वो दिल में उतर गई

रात का समय, घड़ी नौ से अधिक का समय बता रही थी. झमाझम बारिश हो जाने के बाद हल्की-हल्की फुहारें अठखेलियाँ करती लग रही थीं. स्ट्रीट लाइट के साथ-साथ गुजरते वाहनों की हेडलाइट भी सड़क को जगमग कर रही थी. गीली सड़क पर वाहनों और लोगों की आवाजाही के बीच मद्धिम गति से चलती बाइक पर फुहारों का अपना ही आनंद आ रहा था. घर पहुँचने की अनिवार्यता होते हुए भी पहुँचने की जल्दबाजी नहीं थी. दोस्तों का संग, हँसी-ठिठोली के बीच समय भी साथ-साथ चलता हुआ सा एहसास करा…

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अनर्गल विरोध से बाधित समान नागरिक संहिता की राह

विधि आयोग से समान नागरिक संहिता को लागू किये जाने सम्बन्धी मामले की समीक्षा करने को केंद्र सरकार का कहना देश में विमर्श के आयाम खोलता है. सरकार के इस निर्णय की मुस्लिम मजलिस और कई अन्य संगठनों ने आलोचना करनी शुरू कर दी है. पिछले वर्ष जब एक ईसाई युवक ने सर्वोच्च न्यायालय में याचिका दायर करके ईसाइयों के तलाक अधिनियम को चुनौती दी थी, उसके बाद अक्टूबर में सरकार ने आयोग को पत्र लिखकर इस मुद्दे पर विचार करने को कहा था. उस ईसाई युवक का कहना था…

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सरोगेसी का बाज़ार

फिल्म अभिनेता तुषार कपूर के सरोगेसी द्वारा पिता बनने के बाद एकबार फिर सरोगेसी पर चर्चाओं का दौर शुरू है. इससे पहले गौरी-शाहरुख द्वारा अपने तीसरे बच्चे के लिए सरोगेसी का सहारा लिए जाने ने सरोगेसी को विमर्श की विषय-वस्तु बना दिया था. यहाँ विचारणीय यह है कि जहाँ शाहरुख़-गौरी पहले से ही दो बच्चों के माता-पिता थे वहीं तुषार कपूर अविवाहित हैं, चालीस वर्ष से कम उम्र के हैं. आखिर इनको सरोगेसी की आवश्यकता क्यों पड़ी? जबकि स्पष्ट है कि यह तकनीक संतानहीन दम्पत्तियों के लिए चलन में आई…

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