प्रेम का अधूरा सफ़र

प्रेम को लेकर लोगों के कांसेप्ट बड़े ही विचित्र हैं. उसमें भी पहले प्यार को लेकर और भी गजब धारणाएँ बनी हुई हैं. प्यार एक बार ही होता है. पहले प्यार के बाद प्यार होता ही नहीं. पहला प्यार ही आखिरी प्यार होता है वगैरह-वगैरह. प्रेम को लेकर इतनी रूढ़िवादी सोच अपनी कभी नहीं रही. हमेशा से मानना रहा है कि यदि व्यक्ति जिंदादिल है, खुशमिजाज है, सकारात्मक सोच वाला है तो उसे सदैव प्यार होगा, सबसे प्यार होगा. हमने भी सबसे प्यार किया. कई-कई से प्यार किया. हर उम्र…

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